"जनजातिय समाज की मुन्नी गुरकी पंचतत्व में विलीन, अनाथ से सनाथ हो गई"

 

"जनजातिय समाज की

 मुन्नी गुरकी पंचतत्व में 

विलीन, अनाथ से सनाथ हो गई"


लोहरदगा की रहने वाली एक जनजातीय महिला मुन्नी गुरकी जो असन्तुलित मानसिक अवस्था में 21 वर्ष पूर्व (वर्ष 2004) में लोहरदगा की सड़कों पर घूमती हुई मिली थी. उसको वाहन से उठाकर रांची स्थित निर्मल हृदय आश्रम में लाकर रखा गया और उसका मानसिक इलाज़ करवाया गया. चार वर्ष पूर्व वह स्तान कैंसर से पीड़ित हो गई, निरन्तर आश्रम में उसकी चिकित्सा हुई. अन्ततः कैन्सर से उसका निधन हो गया. विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि उनकी आयु 68 वर्ष थी और उसका घरवालों से कोई सम्पर्क नहीं रहा था, उसके नाते रिश्तेदारों का भी कोई अता पता नहीं था. उसके शवदाह के लिए विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग की ओर से रांची लायंस क्लब रांची की अनाथ दिव्यांग लोगों के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह से आग्रह करने पर क्लब के सभी सदस्य इस मानवीय सेवा हेतु मुन्नी गुरकी के दाह संस्कार के लिए तैयार हो गए.

स्वर्गीय मुन्नी गुरकी के पार्थिव देह को पूरे सम्मान के साथ हरमू स्थित मुक्ति धाम लाया गया. चिता को जनजातिय समाज के विजय मिंज उनके दोनों पुत्र आशीष मिंज और अभय मिंज ने तैयार किया. पार्थिव देह को पंचतत्व में विलीन करने के लिए विधिवत वैदिक रीति से सभी संस्कार मुक्ति धाम हरमूघाट रांची पर किये गये. इस अवसर पर लाइंस क्लब के सदस्य प्रोफेसर हरविंदर सिंह "वीर" जी ने सिख परंपरा के अनुसार अरदास की और मुन्नी गुरकी की आत्मा की शांति के लिए सभी उपस्थित लोगों ने प्रार्थना की. संतोष अग्रवाल ने नम आंखो से मुन्नी गुरकी को मुखाग्नि दी. सेवा विभाग के प्रांतीय सह सेवा प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि अब से 14 वर्ष पूर्व संतोष अग्रवाल की माता का अयोध्या नगर (उ. प्र.) में अकेले रहते हुए देहांत हो गया था, उस समय उनके परिवार का कोई भी सदस्य उनके साथ नहीं था, यह पीड़ा आज भी उनके मन में है, अतः उन्होने निर्णय लिया कि जब भी किसी अनाथ की मृत्यु होगी वह उसके दाह संस्कार में आगे बढ़कर मुखाग्नि की सेवा देंगे.

सेवा विभाग, विश्व हिंदू परिषद झारखंड के सह प्रांत प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल ने बताया की सेवा विभाग की ओर से अभी तक पिछले 11 वर्षों मे लगभग एक हजार से अधिक अनाथ, निराश्रित, एकाकी लोगों का दाह संस्कार किया गया है. इस मर्मस्पर्शी मानवीय कार्य में रांची नगर के लोगों के लोगों ने और समाजिक संस्थाओं ने बढ़ चढ़कर सहयोग किया है ताकि हिंदू समाज के किसी भी मृत व्यक्ति के शव को लावारिस न कहा जाये.

स्वर्गीय मुन्नी गुरकी को अंतिम विदाई देने के लिए लायंस क्लब ऑफ रांची के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, लायन राजेश चौधरी, लायन हरविंदर सिंह "वीर", लायन जसवीर खुराना, लाइन सुबोध वर्मा और क्लब के बहुत से सदस्य, विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर के अध्यक्ष कैलाश केसरी, के प्रांतिय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मुंडा, ग्राम काटम कुल्ली पिठूरिया से मनोज मुंडा, कांके से जितेंद्र महतो, कांके से बहुत से जनजातिय समाज के लोग, सृजन हेल्प परिवार रांची के संजय कुमार, नारनौलीय अग्रवाल सभा से राजेश अग्रवाल और उनके कई मित्र, अपर बाजार से कृष्ण कुमार गाड़ोदिया, राधेश्याम शर्मा, कांके रोड से ओम प्रकाश सर्राफ वा मारवाडी समाज के बहुत से लोगों ने मृतक की आत्मा की शान्ति के लिए विनम्र भाव से श्रद्धांजली दी.

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