नागपुरी गीत संगीत के क्षेत्र में आज सीमा देवी का नाम कोई पहचान का मोहताज नहीं!

नागपुरी गीत संगीत के क्षेत्र में आज सीमा 

देवी का नाम कोई पहचान का मोहताज नहीं!












   अपने स्कूली जीवन से हीं झारखंड के स्थानीय निवासी सीमा देवी ने अपने को नागपुरी गीत -संगीत और लोक नाट्य -नृत्य के प्रति अपने को समर्पित कर दिया। इसके पीछे मक़सद था झारखंड में झारखंडी कला संस्कृति को स्थापित करना तथा यहां के लोगों को गीत -संगीत और कला संस्कृति के प्रति जागरूक करना।
अपने अब तक के जीवन में सीमा देवी ने न केवल अपने बूते पहचान बनायी बल्कि झारखंड सहित कई राज्यों में इन्हें उतकृष्ट कार्य के लिए सम्मान और प्रस्शति पत्र भी प्राप्त हुआ।
सीमा देवी को झारखंड सरकार के कला एवं खेल कूद विभाग झारखंड सरकार के द्वारा हमेशा विशेष अवसरों पर नागपुरी गीत -संगीत-नाट्य इत्यादि प्रस्तुत करने का मौका मिलते रहा है, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है।
झारखंड सरकार को चाहिए कि सीमा देवी जैसी समर्पित नगपुरिया कलाकार पद्म श्री पुरस्कार के लिए नाम चयनित कर अग्रसारित करे ताकि नागपुरी गीत -संगीत नाट्य तथा लोक संस्कृति के प्रति यहां के लोगों का
रूझान बढे और झारखंडी कलाकारों का हौसला बढे।

Post a Comment

0 Comments